कभी तरगारों पर बहकता था लखनऊ

गुलाबी होंट पर घुंघराले बाल, दूध से सफ़ेद गाल,इकहरा बदन,चेहरों पर बिखरी मुस्कान,आवाज़ में झंकार,बदन में लचक जिसपर अच्छे अच्छे फिसल जाए।उन्हें प्यार से लखनवी लोग तरगारे कहते।जैसे रेशमी कपड़े पर तारे टाँके हों।गुजरात से खास इन्हें लखनऊ की चौखट पर लाया जाता।इतनी खूबसूरती को Read More …