मजाज़ से ही तो लखनऊ में महक है.

इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन, पतली बाहें, पतली गर्दन। भोर भये मन्दिर आयी है, आई नहीं है माँ लायी है। वक्त से पहले जाग उठी है, नींद भी आँखों में भरी है। ठोडी तक लट आयी हुई है, यूँही सी लहराई हुई है। आँखों में Read More …

बेगम हजरत महल

बेगम हज़रत महल नवाब वाजिद अली शाह की पहली बेगम थी। इन्होंने लखनऊ को अंग्रेज़ों से बचाने के लिए भरसक प्रयत्न किए और सक्रिय भूमिका निभाई। यद्यपि वे एक रानी थीं और ऐशो आराम की जिन्दगी की अभ्यस्त थीं, लेकिन अपने सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए स्वयं युद्ध के मैदान में Read More …